तू दिल है मेरा,
तू मेरी जान है।
है आफताब मेरा तू,
तू ही मेरा ख्वाब है।
है तू खुदा मेरा,
तू ही है मेरा भगवान भी।
है भागवत का सार तू,
तू ही मेरी अजान भी।
तू नशा है,
तू जुनून है।
है तू मेरी बैचेनी,
तू ही मेरा सुकून है।
है तू खामोशी मेरी,
तू ही मेरे शब्द भी।
कभी-कभी तेरी बातें सुन,
हो जाता हूँ निशब्द भी।
है नाकामी मे खुश रहने का जरिया भी,
मेरे जिंदगी जीने का नजरिया भी।
तू ही मेरी जीत भी,
तू ही मेरी हार भी।
है तू मेरा गुरुर,
तू ही मेरा प्यार भी।
तू भूख है, तू प्यास है।
तूने कराया मुझको जिम्मेदारियों का एहसास है।
तेरी गोद में मेरा बचपन खेला है,
था मै शैतान बहुत, तूने कैसे मुझको झेला है।
मुझमें जो कुछ भी मेरा है,
वो सब कुछ तो तेरा है।
तू खुदा का मुझको उपहार है,
तेरे चेहरे की खुशी ही मेरा त्योहार है।
सुनो जरा कहता क्या लल्ला तेरा,
मां, तुझ पर जां भी निसार है।
तू मेरी जान है।
है आफताब मेरा तू,
तू ही मेरा ख्वाब है।
है तू खुदा मेरा,
तू ही है मेरा भगवान भी।
है भागवत का सार तू,
तू ही मेरी अजान भी।
तू नशा है,
तू जुनून है।
है तू मेरी बैचेनी,
तू ही मेरा सुकून है।
है तू खामोशी मेरी,
तू ही मेरे शब्द भी।
कभी-कभी तेरी बातें सुन,
हो जाता हूँ निशब्द भी।
है नाकामी मे खुश रहने का जरिया भी,
मेरे जिंदगी जीने का नजरिया भी।
तू ही मेरी जीत भी,
तू ही मेरी हार भी।
है तू मेरा गुरुर,
तू ही मेरा प्यार भी।
तू भूख है, तू प्यास है।
तूने कराया मुझको जिम्मेदारियों का एहसास है।
तेरी गोद में मेरा बचपन खेला है,
था मै शैतान बहुत, तूने कैसे मुझको झेला है।
मुझमें जो कुछ भी मेरा है,
वो सब कुछ तो तेरा है।
तू खुदा का मुझको उपहार है,
तेरे चेहरे की खुशी ही मेरा त्योहार है।
सुनो जरा कहता क्या लल्ला तेरा,
मां, तुझ पर जां भी निसार है।
-©ओमकार भास्कर 'दास'
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