Sunday, January 6, 2019

रात की तन्हाई

जब रात की तन्हाई
फिर लौट आएगी,
तूझे मेरी याद
बहुत रूलाएगी ।
तेरी हर मुस्कुराहट
आँसू में तब्दील हो जाएगी,
मेरी मासूमियत जब
तूझे याद आएगी।
तेरे धोखे पे तूझे
बहुत शर्म आएगी,
मेरे भरोसे की हद
जब तूझे समझ आएगी ।
तू तड़पेगा मेरी वापसी को,
जब मेरी खुशबू इन
फिजाओं में फैल जाएगी ।।



-©chandani pathak

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