रख दिल में कभी हौसले कोशिश तो कीजिए,
मिल जाएंगी सब मंजिलें कोशिश तो कीजिए।
करिये कभी कोशिश कि रूठे मान जाएं सब,
मिट जायेंगे शिकवे गिले कोशिश तो कीजिए।
है इश्क़ गर दिल में तो बगावत करो हूज़ूर,
बदलेगा रब भी फ़ैसले कोशिश तो कीजिए।
तुम फेंक दो उतार कर तन्हाई का लिबास,
स्वागत करेंगी महफिलें कोशिश तो कीजिए।
तुम रौब के नश्तर को बदन से तो हटाओ,
दुनिया लगाएगी गले कोशिश तो कीजिए।
- तरूणा चौरसिया
मिल जाएंगी सब मंजिलें कोशिश तो कीजिए।
करिये कभी कोशिश कि रूठे मान जाएं सब,
मिट जायेंगे शिकवे गिले कोशिश तो कीजिए।
है इश्क़ गर दिल में तो बगावत करो हूज़ूर,
बदलेगा रब भी फ़ैसले कोशिश तो कीजिए।
तुम फेंक दो उतार कर तन्हाई का लिबास,
स्वागत करेंगी महफिलें कोशिश तो कीजिए।
तुम रौब के नश्तर को बदन से तो हटाओ,
दुनिया लगाएगी गले कोशिश तो कीजिए।
- तरूणा चौरसिया
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